Shri Hit Chaurasi – सम्पूर्ण 84 पद अर्थ सहित
क्या आप चौरासी लाख योनियों के बंधन से मुक्ति का मार्ग समझना चाहते हैं? क्या आप श्री राधा-कृष्ण की भक्ति का रहस्य जानना चाहते हैं?
Shri Hit Chaurasi राधा वल्लभ सम्प्रदाय का सबसे प्रिय भक्ति-ग्रंथ है, जिसकी रचना श्री हित हरिवंश महाप्रभु जी ने की। यह पुस्तक सभी 84 पदों को आसान हिंदी अर्थ के साथ प्रस्तुत करती है, ताकि हर पाठक, चाहे पहली बार पढ़ रहा हो, पदों का मूल भाव समझ सके।
इस पुस्तक में आपको मिलेगा:
- श्री हित हरिवंश महाप्रभु का जीवन-परिचय – उनके जीवन की कथा सरल शब्दों में
- सम्पूर्ण 84 पद अर्थ सहित – हर पद का आसान हिंदी अर्थ
- श्री हित चौरासी पाठ का महत्व – इसे पढ़ने और मनन करने का लाभ
- अष्ट सखियों का स्वरूप – राधा-कृष्ण की अष्ट सखियों और उनकी सेवाओं का विस्तार से वर्णन
- अष्टयाम सेवा – दिन के आठों प्रहर की सेवा-विधि
- श्री प्रेमानंद जी महाराज के उपदेश – उनकी सार्वजनिक वाणी से भक्ति-प्रेरक शिक्षाओं का संकलन
पूज्य Shri Premanand Maharaj Ji के प्रवचनों में श्रीहित चौरासी जी (Shri Hit Chaurasi) की वाणी की महिमा बताते हुए कहा गया है कि जिस भक्त के मुख से श्रीहित चौरासी जी की वाणी प्रकट होती है, उसका जीवन धन्य हो जाता है। इसके गायन और श्रवण का प्रभाव इतना अलौकिक है कि साधक चौरासी लाख योनियों के बंधन से मुक्त होने का सौभाग्य प्राप्त करता है।





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